नौगांव का बाबू PD तिवारी पूरी व्यवस्था पर भारी, बीते रोज पत्रकारों के खिलाफ षड्यंत्र करके नौगांव एसडीएम से गलत आदेश निकलवाने वाले की सच्चाई भी जान लीजिए
*नौगांव में जन्म से 11 माह 9 दिन पूर्व ही गोद लेने का फर्जी मामला और उसके आधार पर अनुकम्पा फर्जी नियुक्ति*
नौगांव के एसडीएम कार्यालय में कार्यरत भू अर्जन शाखा और जनसुनवाई प्रभारी PD तिवारी की पदस्थापना तो विवादित है ही लेकिन उनकी अनुकंपा नियुक्ति भी पूरी तरह फर्जी है जिसकी शिकायत कई बार हुई और जांच चल रही है एक गोदनामा के आधार पर आधार अनुकम्पा नियुक्ति में नौकरी पाने वाले शिक्षा विभाग के बाबू और मूल रूप से हरपालपुर में पैड्स द अकाउंटेंट पद तिवारी के नौकरी से संबंधित कुछ पॉइंट जान लीजिए
1. छतरपुर जिले के शिक्षा विभाग में कार्यरत वीरेंद्र देव जिनकी मृत्यु 22 में 1965 को हत्या होने के बाद हुई थी।
2. और PD तिवारी ने इन्हें अपना पिता बताया है यानी वीरेंद्र देव ने इन्हें गोद लिया था लेकिन उसके पैदा होने के 11 माह 9 दिन पहले
3. लेकिन आधार कार्ड और दसवीं की मार्कशीट में PD तिवारी की जन्म दिनांक 1 मई 1966 है यानी कि वीरेंद्र देव के मरने के 11 महीने और 9 दिन बाद।
4. यानी कि वीरेंद्र देव जिनकी अनुकंपा नियुक्ति PD तिवारी को मिली वह उनके बायलॉजिकल पिता नहीं थे बल्कि किसी और की संतान है जिन्हें डॉक्यूमेंट के अनुसार वीरेंद्र देव ने अपने जिंदा रहते गोद लिया था लेकिन जो बच्चा वीरेंद्र देव की मौत के 11 महीने 9 दिन बाद पैदा हुआ उसको वह गोद कैसे ले सकते थे क्या यह संभव है।
5. वीरेंद्र देव की मृत्यु 22 में 1965 को हो गई और मध्य प्रदेश शासन में अनुकंपा अनुकंपा नियुक्ति का कानून एक 1 नवंबर 1972 को लागू किया गया।
यानी जब पद तिवारी 18 साल के हुए होंगे और इस नियुक्ति के लिए मापदंड में खरे उतरे होंगे उस समय साल होगा 1984.
इस मामले में दो बार जांच हुई है और दूसरी जांच रिपोर्ट अभी आना बाकी है इसकी जांच महेबा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्रिंसिपल और बमनोर शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्रिंसिपल को संयुक्त रूप से सौंपी गई है, छतरपुर डीईओ कार्यालय का सतर्कता विभाग इस पर आगे कार्रवाई करेगा