बक्सवाहा अस्पताल में बदइंतजामी का आरोप: सीने में दर्द से अधिवक्ता की मौत, गर्भवती को निजी वाहन से भेजना पड़ा दमोह

बक्सवाहा अस्पताल में बदइंतजामी का आरोप: सीने में दर्द से अधिवक्ता की मौत, गर्भवती को निजी वाहन से भेजना पड़ा दमोह
बक्सवाहा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। सोमवार को सामने आए दो मामलों ने अस्पताल की आपातकालीन सेवाओं को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ा दी है। एक मामले में सीने में दर्द से पीड़ित अधिवक्ता की मौत हो गई, जबकि दूसरे मामले में प्रसव पीड़ा से परेशान गर्भवती महिला को एम्बुलेंस नहीं मिलने पर निजी वाहन से दमोह भेजना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, अधिवक्ता सुखदेव प्रजापति (53) को सोमवार सुबह करीब 11 बजे न्यायालय परिसर में अचानक सीने में तेज दर्द उठा और वे बेहोश होकर गिर पड़े। साथी अधिवक्ताओं ने उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बक्सवाहा पहुंचाया। अधिवक्ताओं का आरोप है कि अस्पताल में उन्हें समय पर अपेक्षित सुविधाएं नहीं मिल सकीं। गंभीर स्थिति में जिला अस्पताल दमोह रेफर किए जाने के दौरान एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं होने पर परिजनों और साथियों ने निजी वाहन की व्यवस्था की, लेकिन दमोह पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो गई।

इसी दिन ग्राम कुड़ाजनी निवासी कविता यादव, पति रामकिशोर यादव, को प्रसव पीड़ा होने पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। प्राथमिक जांच के बाद उन्हें जिला अस्पताल दमोह रेफर किया गया। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल से एम्बुलेंस नहीं मिलने के कारण उन्हें निजी वाहन से गर्भवती महिला को दमोह ले जाना पड़ा।

अधिवक्ता जयप्रकाश बिल्थरे ने कहा कि साथी अधिवक्ता सुखदेव प्रजापति को गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था, लेकिन समय पर समुचित व्यवस्था नहीं हो सकी। उनका कहना है कि यदि तत्काल बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल जाती तो संभवतः उनकी जान बचाई जा सकती थी।

डॉक्टर बोले- प्राथमिक उपचार कर किया था रेफर
वहीं, उस समय ड्यूटी पर मौजूद डॉ. मनीष राज ने आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि वे स्वयं ड्यूटी पर उपस्थित थे और उन्होंने मरीज को प्राथमिक उपचार दिया था। मरीज की स्थिति गंभीर होने के कारण बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल दमोह रेफर किया गया था।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बक्सवाहा में डॉक्टरों की उपलब्धता, आपातकालीन सेवाओं और एम्बुलेंस व्यवस्था को लेकर पहले भी शिकायतें सामने आती रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर किए जा रहे दावों के बावजूद जमीनी स्तर पर हालात संतोषजनक नहीं हैं। लोगों ने अस्पताल में पर्याप्त चिकित्सकों की तैनाती, 24 घंटे एम्बुलेंस सेवा और बेहतर आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने की मांग की है।

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