ब्रेकिंग न्यूज़ | छतरपुर
कचरा शुल्क में बेतहाशा बढ़ोतरी से शहर में उबाल, 27 श्रेणियों में नए रेट लागू
छतरपुर। नगर पालिका परिषद छतरपुर द्वारा कचरा शुल्क में की गई भारी बढ़ोतरी के बाद शहर में जनआक्रोश बढ़ता जा रहा है। 27 अलग-अलग श्रेणियों में नए शुल्क लागू किए गए हैं, जिससे व्यापारियों, दुकानदारों और आम नागरिकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ने का आरोप लगाया जा रहा है।
नगर पालिका की ओर से जारी नई दरों के अनुसार छोटे मकानों से लेकर बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, होटल, रेस्टोरेंट, अस्पताल, बैंक, कोचिंग सेंटर और औद्योगिक इकाइयों तक सभी के लिए मासिक कचरा शुल्क में वृद्धि की गई है। कई श्रेणियों में यह वृद्धि दोगुनी तक बताई जा रही है।
जनता और व्यापारियों में नाराजगी
शहर के व्यापारी संगठनों का कहना है कि पहले से महंगाई, बिजली बिल और टैक्स का दबाव झेल रहे कारोबारियों पर यह नया शुल्क “आर्थिक मार” है। सोशल मीडिया पर भी नगर पालिका के इस फैसले के खिलाफ तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। नागरिकों का सवाल है कि जब शहर में सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं है तो शुल्क वृद्धि किस आधार पर की गई?
परिषद का पक्ष
नगर पालिका प्रशासन का तर्क है कि शहर की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने, कचरा प्रबंधन सिस्टम को मजबूत करने और संसाधनों की पूर्ति के लिए शुल्क संशोधन आवश्यक था। अधिकारियों के अनुसार, नई दरें शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप तय की गई हैं।
राजनीतिक हलचल तेज
मामले को लेकर शहर की राजनीति भी गरमा गई है। विपक्षी दलों ने इसे “जनविरोधी फैसला” बताते हुए विरोध की चेतावनी दी है, वहीं सत्तापक्ष का कहना है कि यह कदम शहर को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने की दिशा में उठाया गया है।
फिलहाल, शहर में इस मुद्दे पर बहस तेज है और आने वाले दिनों में व्यापारी संगठन व नागरिक समूह आंदोलन की रणनीति बना सकते हैं।