रिश्वतखोरों पर लोकायुक्त का फिर प्रहार: *छतरपुर में ₹4 हजार की घूस लेते रंगे हाथ धराया संभागीय लेखपाल; 2 साल से काट रहा था फरियादी चक्कर

रिश्वतखोरों पर लोकायुक्त का फिर प्रहार: *छतरपुर में ₹4 हजार की घूस लेते रंगे हाथ धराया संभागीय लेखपाल; 2 साल से काट रहा था फरियादी चक्कर...
#छतरपुर। भ्रष्टाचार की दीमक किस कदर सरकारी विभागों को खोखला कर रही है, इसका एक और घिनौना चेहरा छतरपुर में बेनकाब हुआ है। जनता की गाढ़ी कमाई पर डाका डालने वाले एक और रिश्वतखोर पर सागर लोकायुक्त की टीम ने गुरुवार को सर्जिकल स्ट्राइक की। नया पन्ना नाका स्थित मध्य प्रदेश गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल हाउसिंग बोर्ड कार्यालय में पदस्थ संभागीय लेखपाल बाला प्रसाद विश्वकर्मा को टीम ने ₹4,000 की घूस लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया। लोकायुक्त की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से भ्रष्ट अधिकारी- कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है।
*दो साल की प्रताड़ना और रिश्वत की भूख*
​जनता को सुशासन का दावा करने वाले दफ्तरों में काम के बदले कैसे घसीटा जाता है, इसकी बानगी शिकायतकर्ता रामनारायण शुक्ला की आपबीती है। उन्होंने अमलतास कॉलोनी में एक मकान खरीदा था। सिर्फ अपने ही मकान की रजिस्ट्री से जुड़े एक जायज काम के लिए वे पिछले 2 साल से इस भ्रष्ट लेखपाल के दफ्तर की चौखट घिस रहे थे। लेकिन फाइलों को आगे बढ़ाने का पहिया सिर्फ रिश्वत के तेल से घूमना था।
​आरोप है कि काम के एवज में लेखपाल बाला प्रसाद विश्वकर्मा लगातार पैसों की मांग कर रहा था। मजबूरन शिकायतकर्ता पहले ही ₹2,000 पेशगी दे चुके थे, लेकिन लालच की कोई सीमा नहीं होती। बाबू ₹4,000 की बची हुई रकम के लिए अड़ा हुआ था और काम अटका कर बैठा था।
*#लोकायुक्त का जाल और रंगे हाथ शिकंजा*
​बार-बार की प्रताड़ना और घूसखोरी से तंग आकर रामनारायण शुक्ला ने घुटने टेकने के बजाय भ्रष्टाचारी को सबक सिखाने की ठानी। उन्होंने मामले की लिखित शिकायत सागर लोकायुक्त कार्यालय में दर्ज कराई।
​लोकायुक्त डीएसपी मंजू तिर्की के कुशल निर्देशन में टीम ने पहले पूरी सूझबूझ के साथ शिकायत का गोपनीय सत्यापन कराया। जैसे ही आरोपी लेखपाल की घूसखोरी की पुष्टि हुई, लोकायुक्त ने अपना जाल बिछा दिया।
​गुरुवार को सागर लोकायुक्त की 13 सदस्यीय स्पेशल टीम ने हाउसिंग बोर्ड कार्यालय में योजनाबद्ध तरीके से दबिश दी। जैसे ही शिकायतकर्ता ने लेखपाल बाला प्रसाद विश्वकर्मा को केमिकल लगे ₹4,000 के नोट थमाए, पहले से घात लगाए बैठी टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया। जब आरोपी के हाथ धुलवाए गए, तो रिश्वत की लालक से सने उसके हाथ गुलाबी हो गए।
*दफ्तरों में बैठे मगरमच्छों को कड़ा संदेश*
​लोकायुक्त की इस बड़ी कार्रवाई ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि रसूख और कुर्सी की आड़ में जनता का खून चूसने वाले बख्शे नहीं जाएंगे। फिलहाल लोकायुक्त की टीम आरोपी लेखपाल के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। देखना होगा कि इस तरह के कड़े प्रहारों से क्या सरकारी दफ्तरों में बैठे इन मगरमच्छों की घूस की भूख कम होती है या नहीं। चक्कर..

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