भ्रष्टाचार की ‘चारागाह’ बनी सिजवाहा गौशाला: 40 लाख डकारे, सड़कों पर तड़प रहीं ‘गौमाता’
छतरपुर। ग्राम पंचायत सिजवाहा की गौशाला इन दिनों गंभीर आरोपों के घेरे में है। करीब 40 लाख रुपये की लागत से बनी गौशाला कागजों में संचालित दिख रही है, जबकि जमीनी हकीकत में परिसर सूना पड़ा है और मवेशी सड़कों पर भटकते नजर आ रहे हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि सास-बहू समूह और चाचा-भतीजे की पंचायत की मिलीभगत से गोवंश के हक पर डाका डाला गया है। कागजों में सैकड़ों गायों को चारा-पानी दिया जाना दिखाया गया, लेकिन मौके पर न पर्याप्त चारा है और न ही व्यवस्थाएं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी राशि का बंदरबांट कर गौशाला को ‘शो-पीस’ बना दिया गया है। ठंड के मौसम में किसान रातभर खेतों की रखवाली करने को मजबूर हैं, क्योंकि आवारा मवेशी फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
ग्रामीणों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।
प्रशासन का पक्ष: अधिकारियों का कहना है कि शिकायतें मिली हैं, जांच के निर्देश दिए गए हैं और दोषियों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।