छतरपुर में फिर जानलेवा हादसा: 5 माह में तीसरी बार बिजली के खंभे से टकराया तेज रफ्तार वाहन, चालक फरार

छतरपुर में फिर जानलेवा हादसा: 5 माह में तीसरी बार बिजली के खंभे से टकराया तेज रफ्तार वाहन, चालक फरार
छतरपुर।। शहर में नशेड़ी और तेज रफ्तार वाहन चालकों का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीते 5 महीनों में यह तीसरा गंभीर हादसा है, जब तेज रफ्तार वाहन बिजली के खंभे/ट्रांसफार्मर से टकराया। गनीमत यह रही कि तीनों घटनाएं रात 12 बजे के बाद हुईं, जिससे बड़ी जनहानि टल गई। यदि यही हादसे दिन के समय होते, तो अपूरणीय क्षति से इनकार नहीं किया जा सकता था।
ताजा मामला शनिवार रात 12 बजे के बाद का है, जब श्री श्री 1008 श्री मोटे के महावीर मंदिर के समीप, पीएनबी एटीएम के ठीक सामने एक चार पहिया वाहन अनियंत्रित होकर बिजली के खंभे से जा टकराया। टक्कर इतनी भीषण थी कि खंभा दो टुकड़ों में टूटकर करीब 10 फीट दूर जा गिरा। मीटर की डोरियों में फंसने के कारण खंभा और आगे नहीं जा सका।
इससे पहले करीब 5 माह पूर्व सागर रोड पर डॉक्टर ओज दोसाज की क्लीनिक के सामने लगे ट्रांसफार्मर से तेज रफ्तार ट्रक टकराया था। उस समय क्लीनिक के बाहर कोई मरीज नहीं होने से बड़ा हादसा टल गया। दूसरी घटना करीब 4 माह पूर्व इसी रोड पर नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती ज्योति चौरसिया के निवास के पास हुई, जहां रात के समय ट्रक ट्रांसफार्मर से टकराया, लेकिन सौभाग्यवश कोई जनहानि नहीं हुई।
चौंकाने वाली बात यह है कि ताजा हादसे के बाद भी चालक जिला चिकित्सालय नहीं पहुंचा। सिविल लाइन थाना, सिटी कोतवाली और यातायात थाना—किसी के पास भी इस दुर्घटना की सूचना दर्ज नहीं है। जिला चिकित्सालय में भी शनिवार रात 11:20 बजे के बाद कोई एक्सीडेंटल केस दर्ज नहीं पाया गया, जिसकी पुष्टि ड्यूटी चिकित्सक की उपस्थिति में रजिस्टर देखकर स्वास्थ्य कर्मियों ने की।
यह हादसा इस ओर इशारा करता है कि चालक या तो नशे में था या फिर अत्यधिक लापरवाही और रफ्तार का शिकार। ऐसे हालात शहरवासियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। क्या प्रशासन किसी जनहानि के बाद ही सख्त कार्रवाई करेगा? क्या किसी अमूल्य जीवन की कीमत चंद कागजों में सिमट कर रह जाएगी?
शहरवासियों की मांग है कि तेज रफ्तार और नशे में वाहन चलाने वालों पर सख्त कार्रवाई हो, संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाई जाए और यातायात नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाए।
जीवन अनमोल है—रफ्तार पर नियंत्रण रखें, नियमों का पालन करें और सड़क पर किसी दुर्घटनाग्रस्त को देखकर मानवीय कर्तव्य निभाना न भूलें।

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