छतरपुर नगर पालिका की फायर ब्रिगेड व्यवस्था पूरी तरह फेल

छतरपुर नगर पालिका की फायर ब्रिगेड व्यवस्था पूरी तरह फेल
न कर्मचारी, न उपकरण, न सुरक्षा—शहर खतरे के हवाले
छतरपुर।
छतरपुर जिला मुख्यालय की नगर पालिका परिषद की व्यवस्थाएं लगातार सवालों के घेरे में हैं। सबसे गंभीर स्थिति फायर ब्रिगेड विभाग की सामने आई है, जहां हालात इतने बदतर हैं कि किसी भी बड़े हादसे से निपटना लगभग असंभव हो चुका है।
जानकारी के अनुसार छतरपुर नगर पालिका के फायर ब्रिगेड विभाग में न तो पर्याप्त कर्मचारी तैनात हैं, न फायर ब्रिगेड की वर्दी उपलब्ध है, और न ही आग बुझाने के आधुनिक उपकरण मौजूद हैं। जबकि नियमों के अनुसार हर जिले में फायर ब्रिगेड का एक सशक्त और स्वतंत्र विभाग होना चाहिए, ताकि आपात स्थिति में तुरंत राहत पहुंचाई जा सके।
स्थिति की गंभीरता का अंदाजा दो दिन पहले रिलायंस पेट्रोल पंप के पीछे स्थित पेंट गोदाम में लगी भीषण आग से लगाया जा सकता है। आग इतनी भयावह थी कि करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ, लेकिन नगर पालिका के पास केवल एक ही फायर ब्रिगेड वाहन होने के कारण आग पर काबू पाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। समय पर पर्याप्त संसाधन नहीं होने से हालात और भी बिगड़ते चले गए।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि आग किसी रिहायशी इलाके में फैल जाती, तो बड़ा जन-धन नुकसान हो सकता था। इसके बावजूद नगर पालिका द्वारा फायर ब्रिगेड व्यवस्था को मजबूत करने के कोई ठोस प्रयास नहीं किए गए हैं।
अब सवाल यह उठता है कि
👉 नगर पालिका परिषद आखिर किस बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रही है?
👉 बिना संसाधन और स्टाफ के शहर की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाएगी?
इस गंभीर लापरवाही को देखते हुए छतरपुर जिला कलेक्टर को स्वयं संज्ञान लेकर तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि फायर ब्रिगेड विभाग को पूर्ण रूप से सशक्त किया जा सके और भविष्य में किसी बड़े हादसे से शहर को बचाया जा सके।

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